आज का पंचांग

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

2 नवंबर 2026 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:34
सूर्यास्त18:01
चंद्रोदय01:08 (3 नव॰)
चंद्रास्त13:26
मास:
आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
तुला
चंद्र राशि:
कर्क 03:46 (3 नव॰) तक, फिर सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 13:10 तक, फिर कृष्ण नवमी 11:55 (3 नव॰) तक
नक्षत्र
आश्लेषा 03:46 (3 नव॰) तक, फिर मघा 03:26 (4 नव॰) तक
योग
शुभ 12:06 तक, फिर शुक्ल 09:54 (3 नव॰) तक
करण
कौलव 13:10 तक, फिर तैतिल 00:29 (3 नव॰) तक, फिर गर 11:55 (3 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:40
  • राहु काल08:00 – 09:26
  • यमगंड10:52 – 12:18
  • गुलिक काल13:43 – 15:09

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:34 – 08:00
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:00 – 09:26
  • शुभ(शुभ)09:26 – 10:52
  • रोग(वर्जित (परंपरा))10:52 – 12:18
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:18 – 13:43
  • चर(सामान्य)13:43 – 15:09
  • लाभ(शुभ)15:09 – 16:35
  • अमृत(शुभ)16:35 – 18:01

रात

  • चर(सामान्य)18:01 – 19:35
  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:35 – 21:09
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:09 – 22:44
  • लाभ(शुभ)22:44 – 00:18 (3 नव॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:18 (3 नव॰) – 01:52 (3 नव॰)
  • शुभ(शुभ)01:52 (3 नव॰) – 03:26 (3 नव॰)
  • अमृत(शुभ)03:26 (3 नव॰) – 05:00 (3 नव॰)
  • चर(सामान्य)05:00 (3 नव॰) – 06:35 (3 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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