पंचांग 4 दिसंबर 1985
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
4 दिसंबर 1985 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:52
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय23:56
चंद्रास्त12:14
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1907 · विक्रम (चैत्रादि) 2042
- संवत्सर:
- क्रोधन (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी 02:52 (5 दिस॰) तक, फिर कृष्ण अष्टमी 02:01 (6 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- मघा 03:26 (5 दिस॰) तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी 03:11 (6 दिस॰) तक
- योग
- वैधृति 23:26 तक, फिर विष्कम्भ 21:38 (5 दिस॰) तक
- करण
- विष्टि 15:03 तक, फिर बव 02:52 (5 दिस॰) तक, फिर बालव 14:31 (5 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:46परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:24 – 13:47
- यमगंड08:15 – 09:38
- गुलिक काल11:01 – 12:24
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:52 – 08:15
- अमृत(शुभ)08:15 – 09:38
- काल(वर्जित (परंपरा))09:38 – 11:01
- शुभ(शुभ)11:01 – 12:24
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:24 – 13:47
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:47 – 15:10
- चर(सामान्य)15:10 – 16:33
- लाभ(शुभ)16:33 – 17:57
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:57 – 19:34
- शुभ(शुभ)19:34 – 21:11
- अमृत(शुभ)21:11 – 22:47
- चर(सामान्य)22:47 – 00:24 (5 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:24 (5 दिस॰) – 02:01 (5 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:01 (5 दिस॰) – 03:38 (5 दिस॰)
- लाभ(शुभ)03:38 (5 दिस॰) – 05:15 (5 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:15 (5 दिस॰) – 06:52 (5 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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