पंचांग 4 सितंबर 1986
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
4 सितंबर 1986 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:46
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त19:01
- मास:
- श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1908 · विक्रम (चैत्रादि) 2043
- संवत्सर:
- क्षय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 12:40 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 12:04 (5 सित॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाफाल्गुनी 04:44 (5 सित॰) तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 04:34 (6 सित॰) तक
- योग
- सिद्ध 20:08 तक, फिर साध्य 18:29 (5 सित॰) तक
- करण
- नाग 12:40 तक, फिर किंस्तुघ्न 00:25 (5 सित॰) तक, फिर बव 12:04 (5 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:58
- राहु काल14:06 – 15:40
- यमगंड06:20 – 07:53
- गुलिक काल09:26 – 11:00
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:20 – 07:53
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:26
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:26 – 11:00
- चर(सामान्य)11:00 – 12:33
- लाभ(शुभ)12:33 – 14:06
- अमृत(शुभ)14:06 – 15:40
- काल(वर्जित (परंपरा))15:40 – 17:13
- शुभ(शुभ)17:13 – 18:46
रात
- अमृत(शुभ)18:46 – 20:13
- चर(सामान्य)20:13 – 21:40
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:40 – 23:06
- काल(वर्जित (परंपरा))23:06 – 00:33 (5 सित॰)
- लाभ(शुभ)00:33 (5 सित॰) – 02:00 (5 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:00 (5 सित॰) – 03:27 (5 सित॰)
- शुभ(शुभ)03:27 (5 सित॰) – 04:53 (5 सित॰)
- अमृत(शुभ)04:53 (5 सित॰) – 06:20 (5 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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