पंचांग 4 दिसंबर 1987

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

4 दिसंबर 1987 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:51
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय17:03
चंद्रास्त06:45 (5 दिस॰)
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत)
संवत:
शक 1909 · विक्रम (चैत्रादि) 2044
संवत्सर:
प्रभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 12:58 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 13:31 (5 दिस॰) तक
नक्षत्र
कृत्तिका 20:37 तक, फिर रोहिणी 21:51 (5 दिस॰) तक
योग
शिव 17:54 तक, फिर सिद्ध 17:12 (5 दिस॰) तक
करण
वणिज 12:58 तक, फिर विष्टि 01:11 (5 दिस॰) तक, फिर बव 13:31 (5 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:46
  • राहु काल11:01 – 12:24
  • यमगंड15:10 – 16:33
  • गुलिक काल08:15 – 09:38

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:51 – 08:15
  • लाभ(शुभ)08:15 – 09:38
  • अमृत(शुभ)09:38 – 11:01
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:01 – 12:24
  • शुभ(शुभ)12:24 – 13:47
  • रोग(वर्जित (परंपरा))13:47 – 15:10
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:10 – 16:33
  • चर(सामान्य)16:33 – 17:56

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:33
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:33 – 21:10
  • लाभ(शुभ)21:10 – 22:47
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:47 – 00:24 (5 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)00:24 (5 दिस॰) – 02:01 (5 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)02:01 (5 दिस॰) – 03:38 (5 दिस॰)
  • चर(सामान्य)03:38 (5 दिस॰) – 05:15 (5 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:15 (5 दिस॰) – 06:52 (5 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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