पंचांग 25 दिसंबर 1987
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 दिसंबर 1987 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:03
सूर्यास्त18:04
चंद्रोदय11:06
चंद्रास्त23:01
- मास:
- पौष (अमांत)
- संवत:
- शक 1909 · विक्रम (चैत्रादि) 2044
- संवत्सर:
- प्रभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी 08:14 तक, फिर शुक्ल षष्ठी 05:58 (26 दिस॰) तक, फिर शुक्ल सप्तमी 04:11 (27 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- शतभिषा 02:35 (26 दिस॰) तक, फिर पूर्वाभाद्रपदा 01:25 (27 दिस॰) तक
- योग
- वज्र 11:08 तक, फिर सिद्धि 08:06 (26 दिस॰) तक
- करण
- बालव 08:14 तक, फिर कौलव 19:02 तक, फिर तैतिल 05:58 (26 दिस॰) तक, फिर गर 17:01 (26 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 12:56
- राहु काल11:11 – 12:34
- यमगंड15:19 – 16:42
- गुलिक काल08:26 – 09:49
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)07:03 – 08:26
- लाभ(शुभ)08:26 – 09:49
- अमृत(शुभ)09:49 – 11:11
- काल(वर्जित (परंपरा))11:11 – 12:34
- शुभ(शुभ)12:34 – 13:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:56 – 15:19
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:19 – 16:42
- चर(सामान्य)16:42 – 18:04
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:04 – 19:42
- काल(वर्जित (परंपरा))19:42 – 21:19
- लाभ(शुभ)21:19 – 22:57
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:57 – 00:34 (26 दिस॰)
- शुभ(शुभ)00:34 (26 दिस॰) – 02:11 (26 दिस॰)
- अमृत(शुभ)02:11 (26 दिस॰) – 03:49 (26 दिस॰)
- चर(सामान्य)03:49 (26 दिस॰) – 05:26 (26 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:26 (26 दिस॰) – 07:04 (26 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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