पंचांग 9 जून 1988

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

9 जून 1988 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:10
चंद्रोदय02:26 (10 जून)
चंद्रास्त14:29
मास:
अधिक ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1910 · विक्रम (चैत्रादि) 2045
संवत्सर:
विभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
मीन 03:31 (10 जून) तक, फिर मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 19:13 तक, फिर कृष्ण एकादशी 17:43 (10 जून) तक
नक्षत्र
रेवती 03:31 (10 जून) तक, फिर अश्विनी 02:52 (11 जून) तक
योग
सौभाग्य 23:54 तक, फिर शोभन 21:41 (10 जून) तक
करण
वणिज 08:03 तक, फिर विष्टि 19:13 तक, फिर बव 06:27 (10 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 13:00
  • राहु काल14:12 – 15:52
  • यमगंड05:57 – 07:36
  • गुलिक काल09:15 – 10:54

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)05:57 – 07:36
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:36 – 09:15
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:15 – 10:54
  • चर(सामान्य)10:54 – 12:33
  • लाभ(शुभ)12:33 – 14:12
  • अमृत(शुभ)14:12 – 15:52
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:52 – 17:31
  • शुभ(शुभ)17:31 – 19:10

रात

  • अमृत(शुभ)19:10 – 20:31
  • चर(सामान्य)20:31 – 21:52
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:52 – 23:12
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:12 – 00:33 (10 जून)
  • लाभ(शुभ)00:33 (10 जून) – 01:54 (10 जून)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:54 (10 जून) – 03:15 (10 जून)
  • शुभ(शुभ)03:15 (10 जून) – 04:36 (10 जून)
  • अमृत(शुभ)04:36 (10 जून) – 05:57 (10 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

अपनी कुंडली देखें