पंचांग 10 अक्टूबर 1988
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 अक्टूबर 1988 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:27
सूर्यास्त18:15
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त17:50
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1910 · विक्रम (चैत्रादि) 2045
- संवत्सर:
- विभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 03:18 (11 अक्टू॰) तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 05:10 (12 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- हस्त 01:46 (11 अक्टू॰) तक, फिर चित्रा 04:11 (12 अक्टू॰) तक
- योग
- इन्द्र 00:28 (11 अक्टू॰) तक, फिर वैधृति 00:55 (12 अक्टू॰) तक
- करण
- चतुष्पद 14:14 तक, फिर नाग 03:18 (11 अक्टू॰) तक, फिर किंस्तुघ्न 16:17 (11 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:57 – 12:45
- राहु काल07:55 – 09:24
- यमगंड10:52 – 12:21
- गुलिक काल13:50 – 15:18
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:27 – 07:55
- काल(वर्जित (परंपरा))07:55 – 09:24
- शुभ(शुभ)09:24 – 10:52
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:52 – 12:21
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:21 – 13:50
- चर(सामान्य)13:50 – 15:18
- लाभ(शुभ)15:18 – 16:47
- अमृत(शुभ)16:47 – 18:15
रात
- चर(सामान्य)18:15 – 19:47
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:47 – 21:18
- काल(वर्जित (परंपरा))21:18 – 22:50
- लाभ(शुभ)22:50 – 00:21 (11 अक्टू॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:21 (11 अक्टू॰) – 01:52 (11 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)01:52 (11 अक्टू॰) – 03:24 (11 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)03:24 (11 अक्टू॰) – 04:55 (11 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)04:55 (11 अक्टू॰) – 06:27 (11 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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