पंचांग 7 जनवरी 1989

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 जनवरी 1989 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:13
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त17:46
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1911 · विक्रम (चैत्रादि) 2046
संवत्सर:
शुक्ल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण अमावस्या 00:52 (8 जन॰) तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 22:42 (8 जन॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 05:46 (8 जन॰) तक, फिर उत्तराषाढ़ा 04:13 (9 जन॰) तक
योग
ध्रुव 12:48 तक, फिर व्याघात 09:59 (8 जन॰) तक
करण
चतुष्पद 13:48 तक, फिर नाग 00:52 (8 जन॰) तक, फिर किंस्तुघ्न 11:49 (8 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:18 – 13:03
  • राहु काल09:54 – 11:17
  • यमगंड14:03 – 15:26
  • गुलिक काल07:08 – 08:31

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:31
  • शुभ(शुभ)08:31 – 09:54
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:54 – 11:17
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:17 – 12:40
  • चर(सामान्य)12:40 – 14:03
  • लाभ(शुभ)14:03 – 15:26
  • अमृत(शुभ)15:26 – 16:50
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:50 – 18:13

रात

  • लाभ(शुभ)18:13 – 19:50
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:50 – 21:27
  • शुभ(शुभ)21:27 – 23:04
  • अमृत(शुभ)23:04 – 00:40 (8 जन॰)
  • चर(सामान्य)00:40 (8 जन॰) – 02:17 (8 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:17 (8 जन॰) – 03:54 (8 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:54 (8 जन॰) – 05:31 (8 जन॰)
  • लाभ(शुभ)05:31 (8 जन॰) – 07:08 (8 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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