पंचांग 6 जून 1990

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

6 जून 1990 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:09
चंद्रोदय17:31
चंद्रास्त04:43 (7 जून)
मास:
ज्येष्ठ (अमांत)
संवत:
शक 1912 · विक्रम (चैत्रादि) 2047
संवत्सर:
प्रमोद (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
तुला 16:48 तक, फिर वृश्चिक

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 11:55 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 14:16 (7 जून) तक
नक्षत्र
विशाखा 23:33 तक, फिर अनुराधा 02:26 (8 जून) तक
योग
शिव 01:58 (7 जून) तक, फिर सिद्ध 02:51 (8 जून) तक
करण
तैतिल 11:55 तक, फिर गर 01:06 (7 जून) तक, फिर वणिज 14:16 (7 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:59परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:33 – 14:12
  • यमगंड07:36 – 09:15
  • गुलिक काल10:54 – 12:33

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)05:57 – 07:36
  • अमृत(शुभ)07:36 – 09:15
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:15 – 10:54
  • शुभ(शुभ)10:54 – 12:33
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:33 – 14:12
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:12 – 15:51
  • चर(सामान्य)15:51 – 17:30
  • लाभ(शुभ)17:30 – 19:09

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:09 – 20:30
  • शुभ(शुभ)20:30 – 21:51
  • अमृत(शुभ)21:51 – 23:12
  • चर(सामान्य)23:12 – 00:33 (7 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:33 (7 जून) – 01:54 (7 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:54 (7 जून) – 03:15 (7 जून)
  • लाभ(शुभ)03:15 (7 जून) – 04:36 (7 जून)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:36 (7 जून) – 05:57 (7 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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