पंचांग 11 सितंबर 1991
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
11 सितंबर 1991 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:41
चंद्रोदय08:50
चंद्रास्त20:32
- मास:
- भाद्रपद (अमांत)
- संवत:
- शक 1913 · विक्रम (चैत्रादि) 2048
- संवत्सर:
- प्रजापति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- कन्या 10:54 तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया 11:22 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 10:59 (12 सित॰) तक
- नक्षत्र
- चित्रा 22:57 तक, फिर स्वाती 23:37 (12 सित॰) तक
- योग
- ब्रह्म 02:14 (12 सित॰) तक, फिर इन्द्र 01:15 (13 सित॰) तक
- करण
- गर 11:22 तक, फिर वणिज 23:05 तक, फिर विष्टि 10:59 (12 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:55परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:31 – 14:03
- यमगंड07:53 – 09:26
- गुलिक काल10:58 – 12:31
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:21 – 07:53
- अमृत(शुभ)07:53 – 09:26
- काल(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:58
- शुभ(शुभ)10:58 – 12:31
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:03
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:03 – 15:36
- चर(सामान्य)15:36 – 17:08
- लाभ(शुभ)17:08 – 18:41
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:41 – 20:08
- शुभ(शुभ)20:08 – 21:36
- अमृत(शुभ)21:36 – 23:03
- चर(सामान्य)23:03 – 00:31 (12 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:31 (12 सित॰) – 01:58 (12 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))01:58 (12 सित॰) – 03:26 (12 सित॰)
- लाभ(शुभ)03:26 (12 सित॰) – 04:54 (12 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:54 (12 सित॰) – 06:21 (12 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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