पंचांग 22 दिसंबर 1991
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
22 दिसंबर 1991 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:02
सूर्यास्त18:03
चंद्रोदय19:12
चंद्रास्त07:45
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1913 · विक्रम (चैत्रादि) 2048
- संवत्सर:
- प्रजापति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा 12:21 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 08:48 (23 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 15:16 तक, फिर पुनर्वसु 12:28 (23 दिस॰) तक
- योग
- ब्रह्म 01:45 (23 दिस॰) तक, फिर इन्द्र 21:40 (23 दिस॰) तक
- करण
- कौलव 12:21 तक, फिर तैतिल 22:34 तक, फिर गर 08:48 (23 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:10 – 12:54
- राहु काल16:40 – 18:03
- यमगंड12:32 – 13:55
- गुलिक काल15:18 – 16:40
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:02 – 08:24
- चर(सामान्य)08:24 – 09:47
- लाभ(शुभ)09:47 – 11:10
- अमृत(शुभ)11:10 – 12:32
- काल(वर्जित (परंपरा))12:32 – 13:55
- शुभ(शुभ)13:55 – 15:18
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:18 – 16:40
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:40 – 18:03
रात
- शुभ(शुभ)18:03 – 19:40
- अमृत(शुभ)19:40 – 21:18
- चर(सामान्य)21:18 – 22:55
- रोग(वर्जित (परंपरा))22:55 – 00:33 (23 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:33 (23 दिस॰) – 02:10 (23 दिस॰)
- लाभ(शुभ)02:10 (23 दिस॰) – 03:47 (23 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:47 (23 दिस॰) – 05:25 (23 दिस॰)
- शुभ(शुभ)05:25 (23 दिस॰) – 07:02 (23 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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