पंचांग 11 जनवरी 1994

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

11 जनवरी 1994 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:15
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त17:49
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1916 · विक्रम (चैत्रादि) 2051
संवत्सर:
भाव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण अमावस्या 04:40 (12 जन॰) तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 04:06 (13 जन॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 02:45 (12 जन॰) तक, फिर उत्तराषाढ़ा 02:46 (13 जन॰) तक
योग
व्याघात 01:07 (12 जन॰) तक, फिर हर्षण 23:23 (12 जन॰) तक
करण
चतुष्पद 17:08 तक, फिर नाग 04:40 (12 जन॰) तक, फिर किंस्तुघ्न 16:19 (12 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:20 – 13:04
  • राहु काल15:28 – 16:52
  • यमगंड09:55 – 11:19
  • गुलिक काल12:42 – 14:05

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:32
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:32 – 09:55
  • चर(सामान्य)09:55 – 11:19
  • लाभ(शुभ)11:19 – 12:42
  • अमृत(शुभ)12:42 – 14:05
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:05 – 15:28
  • शुभ(शुभ)15:28 – 16:52
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:52 – 18:15

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:15 – 19:52
  • लाभ(शुभ)19:52 – 21:29
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:29 – 23:05
  • शुभ(शुभ)23:05 – 00:42 (12 जन॰)
  • अमृत(शुभ)00:42 (12 जन॰) – 02:19 (12 जन॰)
  • चर(सामान्य)02:19 (12 जन॰) – 03:56 (12 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:56 (12 जन॰) – 05:32 (12 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:32 (12 जन॰) – 07:09 (12 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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