पंचांग 8 मार्च 1995

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

8 मार्च 1995 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:48
सूर्यास्त18:42
चंद्रोदय11:18
चंद्रास्त00:36 (9 मार्च)
मास:
फाल्गुन (अमांत)
संवत:
शक 1916 · विक्रम (चैत्रादि) 2051
संवत्सर:
भाव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
कुंभ
चंद्र राशि:
वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 02:25 (9 मार्च) तक, फिर शुक्ल अष्टमी 04:58 (10 मार्च) तक
नक्षत्र
कृत्तिका 10:07 तक, फिर रोहिणी 13:11 (9 मार्च) तक
योग
विष्कम्भ 04:49 (9 मार्च) तक, फिर प्रीति 05:42 (10 मार्च) तक
करण
गर 13:06 तक, फिर वणिज 02:25 (9 मार्च) तक, फिर विष्टि 15:43 (9 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:21 – 13:09परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:45 – 14:14
  • यमगंड08:18 – 09:47
  • गुलिक काल11:16 – 12:45

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:48 – 08:18
  • अमृत(शुभ)08:18 – 09:47
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:47 – 11:16
  • शुभ(शुभ)11:16 – 12:45
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:45 – 14:14
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:14 – 15:44
  • चर(सामान्य)15:44 – 17:13
  • लाभ(शुभ)17:13 – 18:42

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:42 – 20:13
  • शुभ(शुभ)20:13 – 21:43
  • अमृत(शुभ)21:43 – 23:14
  • चर(सामान्य)23:14 – 00:45 (9 मार्च)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:45 (9 मार्च) – 02:16 (9 मार्च)
  • काल(वर्जित (परंपरा))02:16 (9 मार्च) – 03:46 (9 मार्च)
  • लाभ(शुभ)03:46 (9 मार्च) – 05:17 (9 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:17 (9 मार्च) – 06:48 (9 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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