पंचांग 25 अगस्त 2000
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 अगस्त 2000 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:18
सूर्यास्त18:54
चंद्रोदय02:47 (26 अग॰)
चंद्रास्त15:19
- मास:
- श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1922 · विक्रम (चैत्रादि) 2057
- संवत्सर:
- विक्रम (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 07:05 तक, फिर कृष्ण एकादशी 04:19 (26 अग॰) तक, फिर कृष्ण द्वादशी 01:18 (27 अग॰) तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 02:26 (26 अग॰) तक, फिर पुनर्वसु 00:13 (27 अग॰) तक
- योग
- वज्र 12:23 तक, फिर सिद्धि 08:59 (26 अग॰) तक
- करण
- विष्टि 07:05 तक, फिर बव 17:45 तक, फिर बालव 04:19 (26 अग॰) तक, फिर कौलव 14:50 (26 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:01
- राहु काल11:01 – 12:36
- यमगंड15:45 – 17:19
- गुलिक काल07:53 – 09:27
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:18 – 07:53
- लाभ(शुभ)07:53 – 09:27
- अमृत(शुभ)09:27 – 11:01
- काल(वर्जित (परंपरा))11:01 – 12:36
- शुभ(शुभ)12:36 – 14:10
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:10 – 15:45
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:45 – 17:19
- चर(सामान्य)17:19 – 18:54
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:54 – 20:19
- काल(वर्जित (परंपरा))20:19 – 21:45
- लाभ(शुभ)21:45 – 23:11
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:11 – 00:36 (26 अग॰)
- शुभ(शुभ)00:36 (26 अग॰) – 02:02 (26 अग॰)
- अमृत(शुभ)02:02 (26 अग॰) – 03:27 (26 अग॰)
- चर(सामान्य)03:27 (26 अग॰) – 04:53 (26 अग॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:53 (26 अग॰) – 06:18 (26 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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