पंचांग 10 दिसंबर 2012
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 दिसंबर 2012 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:56
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदय04:29 (11 दिस॰)
चंद्रास्त15:11
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1934 · विक्रम (चैत्रादि) 2069
- संवत्सर:
- नंदन (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 00:52 (11 दिस॰) तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 21:32 (11 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- स्वाती 02:18 (11 दिस॰) तक, फिर विशाखा 23:41 (11 दिस॰) तक
- योग
- शोभन 13:22 तक, फिर अतिगण्ड 09:36 (11 दिस॰) तक
- करण
- कौलव 14:23 तक, फिर तैतिल 00:52 (11 दिस॰) तक, फिर गर 11:15 (11 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:49
- राहु काल08:18 – 09:41
- यमगंड11:04 – 12:27
- गुलिक काल13:50 – 15:13
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:56 – 08:18
- काल(वर्जित (परंपरा))08:18 – 09:41
- शुभ(शुभ)09:41 – 11:04
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:04 – 12:27
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:27 – 13:50
- चर(सामान्य)13:50 – 15:13
- लाभ(शुभ)15:13 – 16:35
- अमृत(शुभ)16:35 – 17:58
रात
- चर(सामान्य)17:58 – 19:35
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:35 – 21:13
- काल(वर्जित (परंपरा))21:13 – 22:50
- लाभ(शुभ)22:50 – 00:27 (11 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:27 (11 दिस॰) – 02:04 (11 दिस॰)
- शुभ(शुभ)02:04 (11 दिस॰) – 03:42 (11 दिस॰)
- अमृत(शुभ)03:42 (11 दिस॰) – 05:19 (11 दिस॰)
- चर(सामान्य)05:19 (11 दिस॰) – 06:56 (11 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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