पंचांग 15 दिसंबर 2012
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
15 दिसंबर 2012 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:58
सूर्यास्त18:00
चंद्रोदय08:41
चंद्रास्त20:19
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1934 · विक्रम (चैत्रादि) 2069
- संवत्सर:
- नंदन (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- धनु 17:39 तक, फिर मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया 07:02 तक, फिर शुक्ल तृतीया 03:59 (16 दिस॰) तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 01:29 (17 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 12:14 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 10:02 (16 दिस॰) तक
- योग
- वृद्धि 12:45 तक, फिर ध्रुव 09:08 (16 दिस॰) तक
- करण
- कौलव 07:02 तक, फिर तैतिल 17:27 तक, फिर गर 03:59 (16 दिस॰) तक, फिर वणिज 14:39 (16 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:51
- राहु काल09:44 – 11:07
- यमगंड13:52 – 15:15
- गुलिक काल06:58 – 08:21
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:58 – 08:21
- शुभ(शुभ)08:21 – 09:44
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:44 – 11:07
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:07 – 12:29
- चर(सामान्य)12:29 – 13:52
- लाभ(शुभ)13:52 – 15:15
- अमृत(शुभ)15:15 – 16:37
- काल(वर्जित (परंपरा))16:37 – 18:00
रात
- लाभ(शुभ)18:00 – 19:37
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:37 – 21:15
- शुभ(शुभ)21:15 – 22:52
- अमृत(शुभ)22:52 – 00:30 (16 दिस॰)
- चर(सामान्य)00:30 (16 दिस॰) – 02:07 (16 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:07 (16 दिस॰) – 03:44 (16 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:44 (16 दिस॰) – 05:22 (16 दिस॰)
- लाभ(शुभ)05:22 (16 दिस॰) – 06:59 (16 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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