पंचांग 1 दिसंबर 2013
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
1 दिसंबर 2013 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:50
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय05:53 (2 दिस॰)
चंद्रास्त16:33
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1935 · विक्रम (चैत्रादि) 2070
- संवत्सर:
- विजय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- तुला 02:14 (2 दिस॰) तक, फिर वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी 11:30 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 08:55 (2 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- स्वाती 09:34 तक, फिर विशाखा 07:44 (2 दिस॰) तक
- योग
- शोभन 12:05 तक, फिर अतिगण्ड 08:45 (2 दिस॰) तक
- करण
- वणिज 11:30 तक, फिर विष्टि 22:16 तक, फिर शकुनि 08:55 (2 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:01 – 12:45
- राहु काल16:33 – 17:56
- यमगंड12:23 – 13:46
- गुलिक काल15:10 – 16:33
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:50 – 08:13
- चर(सामान्य)08:13 – 09:36
- लाभ(शुभ)09:36 – 11:00
- अमृत(शुभ)11:00 – 12:23
- काल(वर्जित (परंपरा))12:23 – 13:46
- शुभ(शुभ)13:46 – 15:10
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:10 – 16:33
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:33 – 17:56
रात
- शुभ(शुभ)17:56 – 19:33
- अमृत(शुभ)19:33 – 21:10
- चर(सामान्य)21:10 – 22:47
- रोग(वर्जित (परंपरा))22:47 – 00:23 (2 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:23 (2 दिस॰) – 02:00 (2 दिस॰)
- लाभ(शुभ)02:00 (2 दिस॰) – 03:37 (2 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:37 (2 दिस॰) – 05:14 (2 दिस॰)
- शुभ(शुभ)05:14 (2 दिस॰) – 06:51 (2 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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