पंचांग 17 जून 2014

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

17 जून 2014 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:58
सूर्यास्त19:12
चंद्रोदय23:02
चंद्रास्त10:09
मास:
ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1936 · विक्रम (चैत्रादि) 2071
संवत्सर:
जय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
मकर 14:06 तक, फिर कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 17:41 तक, फिर कृष्ण षष्ठी 15:06 (18 जून) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 01:08 (18 जून) तक, फिर शतभिषा 23:31 (18 जून) तक
योग
वैधृति 10:58 तक, फिर विष्कम्भ 07:41 (18 जून) तक
करण
कौलव 07:07 तक, फिर तैतिल 17:41 तक, फिर गर 04:20 (18 जून) तक, फिर वणिज 15:06 (18 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 13:01
  • राहु काल15:54 – 17:33
  • यमगंड09:16 – 10:56
  • गुलिक काल12:35 – 14:14

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:58 – 07:37
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:37 – 09:16
  • चर(सामान्य)09:16 – 10:56
  • लाभ(शुभ)10:56 – 12:35
  • अमृत(शुभ)12:35 – 14:14
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:14 – 15:54
  • शुभ(शुभ)15:54 – 17:33
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:33 – 19:12

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))19:12 – 20:33
  • लाभ(शुभ)20:33 – 21:54
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:54 – 23:14
  • शुभ(शुभ)23:14 – 00:35 (18 जून)
  • अमृत(शुभ)00:35 (18 जून) – 01:56 (18 जून)
  • चर(सामान्य)01:56 (18 जून) – 03:16 (18 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:16 (18 जून) – 04:37 (18 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:37 (18 जून) – 05:58 (18 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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