पंचांग 11 अगस्त 2014

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

11 अगस्त 2014 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:15
सूर्यास्त19:04
चंद्रोदय19:31
चंद्रास्त06:36
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1936 · विक्रम (चैत्रादि) 2071
संवत्सर:
जय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
मकर 09:05 तक, फिर कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:44 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 16:02 (12 अग॰) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 19:34 तक, फिर शतभिषा 16:42 (12 अग॰) तक
योग
सौभाग्य 07:35 तक, फिर शोभन 03:19 (12 अग॰) तक, फिर अतिगण्ड 23:18 (12 अग॰) तक
करण
बालव 09:41 तक, फिर कौलव 19:44 तक, फिर तैतिल 05:51 (12 अग॰) तक, फिर गर 16:02 (12 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:05
  • राहु काल07:51 – 09:27
  • यमगंड11:03 – 12:39
  • गुलिक काल14:15 – 15:51

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:15 – 07:51
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:51 – 09:27
  • शुभ(शुभ)09:27 – 11:03
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:39
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:15
  • चर(सामान्य)14:15 – 15:51
  • लाभ(शुभ)15:51 – 17:28
  • अमृत(शुभ)17:28 – 19:04

रात

  • चर(सामान्य)19:04 – 20:28
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:28 – 21:52
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:52 – 23:15
  • लाभ(शुभ)23:15 – 00:39 (12 अग॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:39 (12 अग॰) – 02:03 (12 अग॰)
  • शुभ(शुभ)02:03 (12 अग॰) – 03:27 (12 अग॰)
  • अमृत(शुभ)03:27 (12 अग॰) – 04:51 (12 अग॰)
  • चर(सामान्य)04:51 (12 अग॰) – 06:15 (12 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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