पंचांग 22 मार्च 2015

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

22 मार्च 2015 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:37
सूर्यास्त18:45
चंद्रोदय08:01
चंद्रास्त20:54
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1937 · विक्रम (चैत्रादि) 2072
संवत्सर:
मन्मथ (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 08:15 तक, फिर शुक्ल तृतीया 05:26 (23 मार्च) तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 03:12 (24 मार्च) तक
नक्षत्र
अश्विनी 04:23 (23 मार्च) तक, फिर भरणी 02:51 (24 मार्च) तक
योग
इन्द्र 21:16 तक, फिर वैधृति 18:05 (23 मार्च) तक
करण
कौलव 08:15 तक, फिर तैतिल 18:47 तक, फिर गर 05:26 (23 मार्च) तक, फिर वणिज 16:14 (23 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:17 – 13:05
  • राहु काल17:14 – 18:45
  • यमगंड12:41 – 14:12
  • गुलिक काल15:43 – 17:14

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:37 – 08:08
  • चर(सामान्य)08:08 – 09:39
  • लाभ(शुभ)09:39 – 11:10
  • अमृत(शुभ)11:10 – 12:41
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:41 – 14:12
  • शुभ(शुभ)14:12 – 15:43
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:14
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:14 – 18:45

रात

  • शुभ(शुभ)18:45 – 20:14
  • अमृत(शुभ)20:14 – 21:43
  • चर(सामान्य)21:43 – 23:12
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:12 – 00:41 (23 मार्च)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:41 (23 मार्च) – 02:10 (23 मार्च)
  • लाभ(शुभ)02:10 (23 मार्च) – 03:39 (23 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:39 (23 मार्च) – 05:07 (23 मार्च)
  • शुभ(शुभ)05:07 (23 मार्च) – 06:36 (23 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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