पंचांग 10 अप्रैल 2015
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 अप्रैल 2015 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:22
सूर्यास्त18:50
चंद्रोदय23:58
चंद्रास्त10:38
- मास:
- चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1937 · विक्रम (चैत्रादि) 2072
- संवत्सर:
- मन्मथ (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 07:29 तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 22:49 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 21:54 (11 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 07:29 तक, फिर मूल 07:36 (11 अप्रैल) तक
- योग
- वरीयान 14:35 तक, फिर परिघ 12:54 (11 अप्रैल) तक
- करण
- गर 11:04 तक, फिर वणिज 22:49 तक, फिर विष्टि 10:26 (11 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:01
- राहु काल11:02 – 12:36
- यमगंड15:43 – 17:16
- गुलिक काल07:55 – 09:29
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:22 – 07:55
- लाभ(शुभ)07:55 – 09:29
- अमृत(शुभ)09:29 – 11:02
- काल(वर्जित (परंपरा))11:02 – 12:36
- शुभ(शुभ)12:36 – 14:09
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:16
- चर(सामान्य)17:16 – 18:50
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:50 – 20:16
- काल(वर्जित (परंपरा))20:16 – 21:42
- लाभ(शुभ)21:42 – 23:09
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:09 – 00:35 (11 अप्रैल)
- शुभ(शुभ)00:35 (11 अप्रैल) – 02:02 (11 अप्रैल)
- अमृत(शुभ)02:02 (11 अप्रैल) – 03:28 (11 अप्रैल)
- चर(सामान्य)03:28 (11 अप्रैल) – 04:54 (11 अप्रैल)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:54 (11 अप्रैल) – 06:21 (11 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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