पंचांग 7 सितंबर 2016
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
7 सितंबर 2016 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:43
चंद्रोदय11:02
चंद्रास्त22:45
- मास:
- भाद्रपद (अमांत)
- संवत:
- शक 1938 · विक्रम (चैत्रादि) 2073
- संवत्सर:
- दुर्मुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- तुला 18:53 तक, फिर वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी 02:03 (8 सित॰) तक, फिर शुक्ल सप्तमी 04:19 (9 सित॰) तक
- नक्षत्र
- विशाखा 01:37 (8 सित॰) तक, फिर अनुराधा 04:26 (9 सित॰) तक
- योग
- इन्द्र 10:17 तक, फिर वैधृति 11:12 (8 सित॰) तक
- करण
- कौलव 12:50 तक, फिर तैतिल 02:03 (8 सित॰) तक, फिर गर 15:13 (8 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:57परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:32 – 14:05
- यमगंड07:53 – 09:26
- गुलिक काल10:59 – 12:32
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:21 – 07:53
- अमृत(शुभ)07:53 – 09:26
- काल(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:59
- शुभ(शुभ)10:59 – 12:32
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:05
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:05 – 15:38
- चर(सामान्य)15:38 – 17:10
- लाभ(शुभ)17:10 – 18:43
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:43 – 20:10
- शुभ(शुभ)20:10 – 21:38
- अमृत(शुभ)21:38 – 23:05
- चर(सामान्य)23:05 – 00:32 (8 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:32 (8 सित॰) – 01:59 (8 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))01:59 (8 सित॰) – 03:26 (8 सित॰)
- लाभ(शुभ)03:26 (8 सित॰) – 04:53 (8 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:53 (8 सित॰) – 06:21 (8 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
अपनी कुंडली देखें