पंचांग 22 सितंबर 2016
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
22 सितंबर 2016 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:30
चंद्रोदय23:26
चंद्रास्त11:47
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1938 · विक्रम (चैत्रादि) 2073
- संवत्सर:
- दुर्मुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- वृषभ 03:52 (23 सित॰) तक, फिर मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 06:27 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 04:19 (23 सित॰) तक, फिर कृष्ण अष्टमी 02:41 (24 सित॰) तक
- नक्षत्र
- रोहिणी 16:31 तक, फिर मृगशीर्ष 15:21 (23 सित॰) तक
- योग
- सिद्धि 23:14 तक, फिर व्यतीपात 20:42 (23 सित॰) तक
- करण
- वणिज 06:27 तक, फिर विष्टि 17:19 तक, फिर बव 04:19 (23 सित॰) तक, फिर बालव 15:26 (23 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:51
- राहु काल13:57 – 15:28
- यमगंड06:23 – 07:54
- गुलिक काल09:25 – 10:56
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:23 – 07:54
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:25
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:25 – 10:56
- चर(सामान्य)10:56 – 12:27
- लाभ(शुभ)12:27 – 13:57
- अमृत(शुभ)13:57 – 15:28
- काल(वर्जित (परंपरा))15:28 – 16:59
- शुभ(शुभ)16:59 – 18:30
रात
- अमृत(शुभ)18:30 – 19:59
- चर(सामान्य)19:59 – 21:28
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:28 – 22:57
- काल(वर्जित (परंपरा))22:57 – 00:27 (23 सित॰)
- लाभ(शुभ)00:27 (23 सित॰) – 01:56 (23 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:56 (23 सित॰) – 03:25 (23 सित॰)
- शुभ(शुभ)03:25 (23 सित॰) – 04:54 (23 सित॰)
- अमृत(शुभ)04:54 (23 सित॰) – 06:23 (23 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
अपनी कुंडली देखें