पंचांग 8 फ़रवरी 2017

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

8 फ़रवरी 2017 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:05
सूर्यास्त18:32
चंद्रोदय16:03
चंद्रास्त05:23 (9 फ़र॰)
मास:
माघ (अमांत)
संवत:
शक 1938 · विक्रम (चैत्रादि) 2073
संवत्सर:
दुर्मुख (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
मिथुन 05:07 (9 फ़र॰) तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 11:29 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 09:22 (9 फ़र॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 12:13 तक, फिर पुनर्वसु 10:48 (9 फ़र॰) तक
योग
विष्कम्भ 08:39 तक, फिर प्रीति 05:41 (9 फ़र॰) तक, फिर आयुष्मान 02:56 (10 फ़र॰) तक
करण
बालव 11:29 तक, फिर कौलव 22:24 तक, फिर तैतिल 09:22 (9 फ़र॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:48 – 14:14
  • यमगंड08:31 – 09:57
  • गुलिक काल11:23 – 12:48

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)07:05 – 08:31
  • अमृत(शुभ)08:31 – 09:57
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:57 – 11:23
  • शुभ(शुभ)11:23 – 12:48
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:48 – 14:14
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:14 – 15:40
  • चर(सामान्य)15:40 – 17:06
  • लाभ(शुभ)17:06 – 18:32

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:32 – 20:06
  • शुभ(शुभ)20:06 – 21:40
  • अमृत(शुभ)21:40 – 23:14
  • चर(सामान्य)23:14 – 00:48 (9 फ़र॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:48 (9 फ़र॰) – 02:22 (9 फ़र॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))02:22 (9 फ़र॰) – 03:56 (9 फ़र॰)
  • लाभ(शुभ)03:56 (9 फ़र॰) – 05:31 (9 फ़र॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:31 (9 फ़र॰) – 07:05 (9 फ़र॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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