पंचांग 13 जुलाई 2018

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

13 जुलाई 2018 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:05
सूर्यास्त19:14
चंद्रोदय06:05
चंद्रास्त19:34
मास:
ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1940 · विक्रम (चैत्रादि) 2075
संवत्सर:
विलंबी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
मिथुन 13:42 तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण अमावस्या 08:18 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 04:32 (14 जुल॰) तक, फिर शुक्ल द्वितीया 00:55 (15 जुल॰) तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 18:58 तक, फिर पुष्य 16:06 (14 जुल॰) तक
योग
व्याघात 08:34 तक, फिर हर्षण 04:24 (14 जुल॰) तक, फिर वज्र 00:21 (15 जुल॰) तक
करण
नाग 08:18 तक, फिर किंस्तुघ्न 18:24 तक, फिर बव 04:32 (14 जुल॰) तक, फिर बालव 14:42 (14 जुल॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:06
  • राहु काल11:01 – 12:40
  • यमगंड15:57 – 17:36
  • गुलिक काल07:44 – 09:22

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:05 – 07:44
  • लाभ(शुभ)07:44 – 09:22
  • अमृत(शुभ)09:22 – 11:01
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:01 – 12:40
  • शुभ(शुभ)12:40 – 14:18
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:18 – 15:57
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:57 – 17:36
  • चर(सामान्य)17:36 – 19:14

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:14 – 20:36
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:36 – 21:57
  • लाभ(शुभ)21:57 – 23:19
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:19 – 00:40 (14 जुल॰)
  • शुभ(शुभ)00:40 (14 जुल॰) – 02:01 (14 जुल॰)
  • अमृत(शुभ)02:01 (14 जुल॰) – 03:23 (14 जुल॰)
  • चर(सामान्य)03:23 (14 जुल॰) – 04:44 (14 जुल॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:44 (14 जुल॰) – 06:05 (14 जुल॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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