पंचांग 14 सितंबर 2018

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

14 सितंबर 2018 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:22
सूर्यास्त18:38
चंद्रोदय10:33
चंद्रास्त22:18
मास:
भाद्रपद (अमांत)
संवत:
शक 1940 · विक्रम (चैत्रादि) 2075
संवत्सर:
विलंबी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
तुला 19:14 तक, फिर वृश्चिक

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 14:23 तक, फिर शुक्ल षष्ठी 14:45 (15 सित॰) तक
नक्षत्र
विशाखा 01:27 (15 सित॰) तक, फिर अनुराधा 02:49 (16 सित॰) तक
योग
वैधृति 23:25 तक, फिर विष्कम्भ 22:53 (15 सित॰) तक
करण
बालव 14:23 तक, फिर कौलव 02:28 (15 सित॰) तक, फिर तैतिल 14:45 (15 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:54
  • राहु काल10:58 – 12:30
  • यमगंड15:34 – 17:06
  • गुलिक काल07:54 – 09:26

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:22 – 07:54
  • लाभ(शुभ)07:54 – 09:26
  • अमृत(शुभ)09:26 – 10:58
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:30
  • शुभ(शुभ)12:30 – 14:02
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:02 – 15:34
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:34 – 17:06
  • चर(सामान्य)17:06 – 18:38

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:38 – 20:06
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:06 – 21:34
  • लाभ(शुभ)21:34 – 23:02
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:02 – 00:30 (15 सित॰)
  • शुभ(शुभ)00:30 (15 सित॰) – 01:58 (15 सित॰)
  • अमृत(शुभ)01:58 (15 सित॰) – 03:26 (15 सित॰)
  • चर(सामान्य)03:26 (15 सित॰) – 04:54 (15 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:54 (15 सित॰) – 06:22 (15 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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