पंचांग 29 अगस्त 2019
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
29 अगस्त 2019 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:19
सूर्यास्त18:51
चंद्रोदय05:58 (30 अग॰)
चंद्रास्त18:12
- मास:
- श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1941 · विक्रम (चैत्रादि) 2076
- संवत्सर:
- विकारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- कर्क 20:10 तक, फिर सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 19:55 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 16:07 (30 अग॰) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 20:10 तक, फिर मघा 17:11 (30 अग॰) तक
- योग
- परिघ 22:23 तक, फिर शिव 18:07 (30 अग॰) तक
- करण
- विष्टि 09:44 तक, फिर शकुनि 19:55 तक, फिर चतुष्पद 06:02 (30 अग॰) तक, फिर नाग 16:07 (30 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:00
- राहु काल14:09 – 15:43
- यमगंड06:19 – 07:53
- गुलिक काल09:27 – 11:01
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:19 – 07:53
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:27
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:01
- चर(सामान्य)11:01 – 12:35
- लाभ(शुभ)12:35 – 14:09
- अमृत(शुभ)14:09 – 15:43
- काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:17
- शुभ(शुभ)17:17 – 18:51
रात
- अमृत(शुभ)18:51 – 20:17
- चर(सामान्य)20:17 – 21:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:09
- काल(वर्जित (परंपरा))23:09 – 00:35 (30 अग॰)
- लाभ(शुभ)00:35 (30 अग॰) – 02:01 (30 अग॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:01 (30 अग॰) – 03:27 (30 अग॰)
- शुभ(शुभ)03:27 (30 अग॰) – 04:53 (30 अग॰)
- अमृत(शुभ)04:53 (30 अग॰) – 06:19 (30 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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