पंचांग 22 जुलाई 2020

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

22 जुलाई 2020 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:08
सूर्यास्त19:12
चंद्रोदय07:30
चंद्रास्त20:49
मास:
श्रावण (अमांत)
संवत:
शक 1942 · विक्रम (चैत्रादि) 2077
संवत्सर:
शार्वरी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
कर्क 19:15 तक, फिर सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 19:22 तक, फिर शुक्ल तृतीया 17:03 (23 जुल॰) तक
नक्षत्र
आश्लेषा 19:15 तक, फिर मघा 17:44 (23 जुल॰) तक
योग
सिद्धि 14:55 तक, फिर व्यतीपात 12:01 (23 जुल॰) तक
करण
बालव 08:26 तक, फिर कौलव 19:22 तक, फिर तैतिल 06:14 (23 जुल॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:07परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:40 – 14:18
  • यमगंड07:46 – 09:24
  • गुलिक काल11:02 – 12:40

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:08 – 07:46
  • अमृत(शुभ)07:46 – 09:24
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:24 – 11:02
  • शुभ(शुभ)11:02 – 12:40
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:40 – 14:18
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:18 – 15:56
  • चर(सामान्य)15:56 – 17:34
  • लाभ(शुभ)17:34 – 19:12

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:12 – 20:35
  • शुभ(शुभ)20:35 – 21:57
  • अमृत(शुभ)21:57 – 23:19
  • चर(सामान्य)23:19 – 00:41 (23 जुल॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:41 (23 जुल॰) – 02:03 (23 जुल॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))02:03 (23 जुल॰) – 03:25 (23 जुल॰)
  • लाभ(शुभ)03:25 (23 जुल॰) – 04:47 (23 जुल॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:47 (23 जुल॰) – 06:09 (23 जुल॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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