पंचांग 7 दिसंबर 2020

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 दिसंबर 2020 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:54
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय00:17 (8 दिस॰)
चंद्रास्त12:27
मास:
कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1942 · विक्रम (चैत्रादि) 2077
संवत्सर:
शार्वरी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 18:47 तक, फिर कृष्ण अष्टमी 17:17 (8 दिस॰) तक
नक्षत्र
मघा 14:32 तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी 13:47 (8 दिस॰) तक
योग
विष्कम्भ 04:17 (8 दिस॰) तक, फिर प्रीति 01:42 (9 दिस॰) तक
करण
विष्टि 07:20 तक, फिर बव 18:47 तक, फिर बालव 06:06 (8 दिस॰) तक, फिर कौलव 17:17 (8 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:03 – 12:48
  • राहु काल08:17 – 09:40
  • यमगंड11:03 – 12:26
  • गुलिक काल13:49 – 15:11

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:54 – 08:17
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:17 – 09:40
  • शुभ(शुभ)09:40 – 11:03
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:26
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:26 – 13:49
  • चर(सामान्य)13:49 – 15:11
  • लाभ(शुभ)15:11 – 16:34
  • अमृत(शुभ)16:34 – 17:57

रात

  • चर(सामान्य)17:57 – 19:34
  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:34 – 21:12
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:12 – 22:49
  • लाभ(शुभ)22:49 – 00:26 (8 दिस॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:26 (8 दिस॰) – 02:03 (8 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)02:03 (8 दिस॰) – 03:40 (8 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)03:40 (8 दिस॰) – 05:17 (8 दिस॰)
  • चर(सामान्य)05:17 (8 दिस॰) – 06:54 (8 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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