पंचांग 24 अगस्त 2021
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
24 अगस्त 2021 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:18
सूर्यास्त18:55
चंद्रोदय20:29
चंद्रास्त07:47
- मास:
- श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1943 · विक्रम (चैत्रादि) 2078
- संवत्सर:
- प्लव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- कुंभ 13:38 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 16:05 तक, फिर कृष्ण तृतीया 16:19 (25 अग॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 19:47 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 20:47 (25 अग॰) तक
- योग
- सुकर्मा 06:59 तक, फिर धृति 05:55 (25 अग॰) तक, फिर शूल 05:24 (26 अग॰) तक
- करण
- गर 16:05 तक, फिर वणिज 04:07 (25 अग॰) तक, फिर विष्टि 16:19 (25 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:02
- राहु काल15:45 – 17:20
- यमगंड09:27 – 11:02
- गुलिक काल12:36 – 14:11
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:18 – 07:52
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:52 – 09:27
- चर(सामान्य)09:27 – 11:02
- लाभ(शुभ)11:02 – 12:36
- अमृत(शुभ)12:36 – 14:11
- काल(वर्जित (परंपरा))14:11 – 15:45
- शुभ(शुभ)15:45 – 17:20
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:20 – 18:55
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:55 – 20:20
- लाभ(शुभ)20:20 – 21:46
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:46 – 23:11
- शुभ(शुभ)23:11 – 00:36 (25 अग॰)
- अमृत(शुभ)00:36 (25 अग॰) – 02:02 (25 अग॰)
- चर(सामान्य)02:02 (25 अग॰) – 03:27 (25 अग॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:27 (25 अग॰) – 04:53 (25 अग॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:53 (25 अग॰) – 06:18 (25 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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