पंचांग 25 जून 2022

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

25 जून 2022 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:59
सूर्यास्त19:14
चंद्रोदय03:38 (26 जून)
चंद्रास्त16:11
मास:
ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1944 · विक्रम (चैत्रादि) 2079
संवत्सर:
शुभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
मेष 17:02 तक, फिर वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 01:10 (26 जून) तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 03:26 (27 जून) तक
नक्षत्र
भरणी 10:23 तक, फिर कृत्तिका 13:06 (26 जून) तक
योग
धृति 05:53 (26 जून) तक, फिर शूल 06:46 (27 जून) तक
करण
कौलव 12:08 तक, फिर तैतिल 01:10 (26 जून) तक, फिर गर 14:16 (26 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:03
  • राहु काल09:18 – 10:57
  • यमगंड14:16 – 15:55
  • गुलिक काल05:59 – 07:39

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))05:59 – 07:39
  • शुभ(शुभ)07:39 – 09:18
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:18 – 10:57
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:57 – 12:37
  • चर(सामान्य)12:37 – 14:16
  • लाभ(शुभ)14:16 – 15:55
  • अमृत(शुभ)15:55 – 17:35
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:35 – 19:14

रात

  • लाभ(शुभ)19:14 – 20:35
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:35 – 21:55
  • शुभ(शुभ)21:55 – 23:16
  • अमृत(शुभ)23:16 – 00:37 (26 जून)
  • चर(सामान्य)00:37 (26 जून) – 01:58 (26 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:58 (26 जून) – 03:18 (26 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:18 (26 जून) – 04:39 (26 जून)
  • लाभ(शुभ)04:39 (26 जून) – 06:00 (26 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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