पंचांग 7 सितंबर 2022
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
7 सितंबर 2022 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:44
चंद्रोदय16:36
चंद्रास्त03:56 (8 सित॰)
- मास:
- भाद्रपद (अमांत)
- संवत:
- शक 1944 · विक्रम (चैत्रादि) 2079
- संवत्सर:
- शुभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी 00:05 (8 सित॰) तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 21:03 (8 सित॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा 16:00 तक, फिर श्रवण 13:45 (8 सित॰) तक
- योग
- शोभन 01:15 (8 सित॰) तक, फिर अतिगण्ड 21:40 (8 सित॰) तक
- करण
- बव 13:36 तक, फिर बालव 00:05 (8 सित॰) तक, फिर कौलव 10:34 (8 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:57परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:32 – 14:05
- यमगंड07:53 – 09:26
- गुलिक काल10:59 – 12:32
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:20 – 07:53
- अमृत(शुभ)07:53 – 09:26
- काल(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:59
- शुभ(शुभ)10:59 – 12:32
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:05
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:05 – 15:38
- चर(सामान्य)15:38 – 17:11
- लाभ(शुभ)17:11 – 18:44
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:44 – 20:11
- शुभ(शुभ)20:11 – 21:38
- अमृत(शुभ)21:38 – 23:05
- चर(सामान्य)23:05 – 00:32 (8 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:32 (8 सित॰) – 01:59 (8 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))01:59 (8 सित॰) – 03:26 (8 सित॰)
- लाभ(शुभ)03:26 (8 सित॰) – 04:54 (8 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:54 (8 सित॰) – 06:21 (8 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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