पंचांग 14 दिसंबर 2022

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

14 दिसंबर 2022 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:58
सूर्यास्त17:59
चंद्रोदय23:14
चंद्रास्त11:35
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1944 · विक्रम (चैत्रादि) 2079
संवत्सर:
शुभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 23:42 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 01:39 (16 दिस॰) तक
नक्षत्र
मघा 05:15 (15 दिस॰) तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी 07:34 (16 दिस॰) तक
योग
विष्कम्भ 07:29 (15 दिस॰) तक
करण
गर 10:34 तक, फिर वणिज 23:42 तक, फिर विष्टि 12:44 (15 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:51परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:29 – 13:51
  • यमगंड08:20 – 09:43
  • गुलिक काल11:06 – 12:29

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:58 – 08:20
  • अमृत(शुभ)08:20 – 09:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:43 – 11:06
  • शुभ(शुभ)11:06 – 12:29
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:29 – 13:51
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:51 – 15:14
  • चर(सामान्य)15:14 – 16:37
  • लाभ(शुभ)16:37 – 17:59

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:59 – 19:37
  • शुभ(शुभ)19:37 – 21:14
  • अमृत(शुभ)21:14 – 22:51
  • चर(सामान्य)22:51 – 00:29 (15 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:29 (15 दिस॰) – 02:06 (15 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))02:06 (15 दिस॰) – 03:43 (15 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)03:43 (15 दिस॰) – 05:21 (15 दिस॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:21 (15 दिस॰) – 06:58 (15 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें