पंचांग 23 दिसंबर 2022

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

23 दिसंबर 2022 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:02
सूर्यास्त18:04
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त17:58
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1944 · विक्रम (चैत्रादि) 2079
संवत्सर:
शुभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण अमावस्या 15:46 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 12:06 (24 दिस॰) तक
नक्षत्र
मूल 01:13 (24 दिस॰) तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 22:15 (24 दिस॰) तक
योग
गण्ड 13:40 तक, फिर वृद्धि 09:26 (24 दिस॰) तक
करण
नाग 15:46 तक, फिर किंस्तुघ्न 01:57 (24 दिस॰) तक, फिर बव 12:06 (24 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:11 – 12:55
  • राहु काल11:10 – 12:33
  • यमगंड15:18 – 16:41
  • गुलिक काल08:25 – 09:48

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)07:02 – 08:25
  • लाभ(शुभ)08:25 – 09:48
  • अमृत(शुभ)09:48 – 11:10
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:10 – 12:33
  • शुभ(शुभ)12:33 – 13:56
  • रोग(वर्जित (परंपरा))13:56 – 15:18
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:18 – 16:41
  • चर(सामान्य)16:41 – 18:04

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:04 – 19:41
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:41 – 21:18
  • लाभ(शुभ)21:18 – 22:56
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:56 – 00:33 (24 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)00:33 (24 दिस॰) – 02:11 (24 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)02:11 (24 दिस॰) – 03:48 (24 दिस॰)
  • चर(सामान्य)03:48 (24 दिस॰) – 05:25 (24 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:25 (24 दिस॰) – 07:03 (24 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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