पंचांग 13 मई 2023

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

13 मई 2023 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:01
सूर्यास्त19:00
चंद्रोदय02:16 (14 मई)
चंद्रास्त13:11
मास:
वैशाख (अमांत) · ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 06:51 तक, फिर कृष्ण नवमी 04:43 (14 मई) तक, फिर कृष्ण दशमी 02:46 (15 मई) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 11:35 तक, फिर शतभिषा 10:15 (14 मई) तक
योग
ब्रह्म 09:22 तक, फिर इन्द्र 06:34 (14 मई) तक
करण
कौलव 06:51 तक, फिर तैतिल 17:46 तक, फिर गर 04:43 (14 मई) तक, फिर वणिज 15:43 (14 मई) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:56
  • राहु काल09:16 – 10:53
  • यमगंड14:08 – 15:45
  • गुलिक काल06:01 – 07:39

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:01 – 07:39
  • शुभ(शुभ)07:39 – 09:16
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:16 – 10:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:53 – 12:31
  • चर(सामान्य)12:31 – 14:08
  • लाभ(शुभ)14:08 – 15:45
  • अमृत(शुभ)15:45 – 17:22
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:22 – 19:00

रात

  • लाभ(शुभ)19:00 – 20:22
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:22 – 21:45
  • शुभ(शुभ)21:45 – 23:08
  • अमृत(शुभ)23:08 – 00:30 (14 मई)
  • चर(सामान्य)00:30 (14 मई) – 01:53 (14 मई)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:53 (14 मई) – 03:16 (14 मई)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:16 (14 मई) – 04:38 (14 मई)
  • लाभ(शुभ)04:38 (14 मई) – 06:01 (14 मई)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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