पंचांग 6 सितंबर 2023

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

6 सितंबर 2023 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:45
चंद्रोदय23:34
चंद्रास्त12:21
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 15:38 तक, फिर कृष्ण अष्टमी 16:14 (7 सित॰) तक
नक्षत्र
कृत्तिका 09:20 तक, फिर रोहिणी 10:24 (7 सित॰) तक
योग
हर्षण 22:25 तक, फिर वज्र 22:01 (7 सित॰) तक
करण
बव 15:38 तक, फिर बालव 03:51 (7 सित॰) तक, फिर कौलव 16:14 (7 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:57परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:32 – 14:05
  • यमगंड07:53 – 09:26
  • गुलिक काल10:59 – 12:32

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:20 – 07:53
  • अमृत(शुभ)07:53 – 09:26
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:59
  • शुभ(शुभ)10:59 – 12:32
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:05
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:05 – 15:39
  • चर(सामान्य)15:39 – 17:12
  • लाभ(शुभ)17:12 – 18:45

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:45 – 20:12
  • शुभ(शुभ)20:12 – 21:39
  • अमृत(शुभ)21:39 – 23:06
  • चर(सामान्य)23:06 – 00:33 (7 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:33 (7 सित॰) – 01:59 (7 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:59 (7 सित॰) – 03:26 (7 सित॰)
  • लाभ(शुभ)03:26 (7 सित॰) – 04:53 (7 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:53 (7 सित॰) – 06:20 (7 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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