पंचांग 6 अक्टूबर 2023
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
6 अक्टूबर 2023 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:26
सूर्यास्त18:19
चंद्रोदय00:03 (7 अक्टू॰)
चंद्रास्त13:01
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
- संवत्सर:
- शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी 06:35 तक, फिर कृष्ण अष्टमी 08:08 (7 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 21:31 तक, फिर पुनर्वसु 23:56 (7 अक्टू॰) तक
- योग
- परिघ 05:30 (7 अक्टू॰) तक, फिर शिव 06:02 (8 अक्टू॰) तक
- करण
- बव 06:35 तक, फिर बालव 19:17 तक, फिर कौलव 08:08 (7 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:58 – 12:46
- राहु काल10:53 – 12:22
- यमगंड15:21 – 16:50
- गुलिक काल07:55 – 09:24
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:26 – 07:55
- लाभ(शुभ)07:55 – 09:24
- अमृत(शुभ)09:24 – 10:53
- काल(वर्जित (परंपरा))10:53 – 12:22
- शुभ(शुभ)12:22 – 13:51
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:51 – 15:21
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:21 – 16:50
- चर(सामान्य)16:50 – 18:19
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:19 – 19:50
- काल(वर्जित (परंपरा))19:50 – 21:21
- लाभ(शुभ)21:21 – 22:51
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:51 – 00:22 (7 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)00:22 (7 अक्टू॰) – 01:53 (7 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)01:53 (7 अक्टू॰) – 03:24 (7 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)03:24 (7 अक्टू॰) – 04:55 (7 अक्टू॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:55 (7 अक्टू॰) – 06:26 (7 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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