पंचांग 30 दिसंबर 2023

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

30 दिसंबर 2023 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:05
सूर्यास्त18:07
चंद्रोदय21:08
चंद्रास्त09:42
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
कर्क 05:42 (31 दिस॰) तक, फिर सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 09:44 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 11:56 (31 दिस॰) तक
नक्षत्र
आश्लेषा 05:42 (31 दिस॰) तक, फिर मघा 08:36 (1 जन॰) तक
योग
विष्कम्भ 02:55 (31 दिस॰) तक, फिर प्रीति 03:40 (1 जन॰) तक
करण
विष्टि 09:44 तक, फिर बव 22:47 तक, फिर बालव 11:56 (31 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 12:58
  • राहु काल09:51 – 11:14
  • यमगंड13:59 – 15:22
  • गुलिक काल07:05 – 08:28

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:05 – 08:28
  • शुभ(शुभ)08:28 – 09:51
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:51 – 11:14
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:14 – 12:36
  • चर(सामान्य)12:36 – 13:59
  • लाभ(शुभ)13:59 – 15:22
  • अमृत(शुभ)15:22 – 16:45
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:45 – 18:07

रात

  • लाभ(शुभ)18:07 – 19:45
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:45 – 21:22
  • शुभ(शुभ)21:22 – 22:59
  • अमृत(शुभ)22:59 – 00:37 (31 दिस॰)
  • चर(सामान्य)00:37 (31 दिस॰) – 02:14 (31 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:14 (31 दिस॰) – 03:51 (31 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:51 (31 दिस॰) – 05:28 (31 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)05:28 (31 दिस॰) – 07:06 (31 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें