पंचांग 25 मार्च 2024

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

25 मार्च 2024 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:34
सूर्यास्त18:46
चंद्रोदय18:56
चंद्रास्तनहीं
मास:
फाल्गुन (अमांत)
संवत:
शक 1945 · विक्रम (चैत्रादि) 2080
संवत्सर:
शोभकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
शुक्ल पूर्णिमा 12:30 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 14:56 (26 मार्च) तक
नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी 10:37 तक, फिर हस्त 13:33 (26 मार्च) तक
योग
वृद्धि 21:29 तक, फिर ध्रुव 22:17 (26 मार्च) तक
करण
बव 12:30 तक, फिर बालव 01:44 (26 मार्च) तक, फिर कौलव 14:56 (26 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:16 – 13:04
  • राहु काल08:05 – 09:37
  • यमगंड11:09 – 12:40
  • गुलिक काल14:12 – 15:43

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:34 – 08:05
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:05 – 09:37
  • शुभ(शुभ)09:37 – 11:09
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:09 – 12:40
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:40 – 14:12
  • चर(सामान्य)14:12 – 15:43
  • लाभ(शुभ)15:43 – 17:15
  • अमृत(शुभ)17:15 – 18:46

रात

  • चर(सामान्य)18:46 – 20:15
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:15 – 21:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:11
  • लाभ(शुभ)23:11 – 00:40 (26 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:40 (26 मार्च) – 02:08 (26 मार्च)
  • शुभ(शुभ)02:08 (26 मार्च) – 03:36 (26 मार्च)
  • अमृत(शुभ)03:36 (26 मार्च) – 05:05 (26 मार्च)
  • चर(सामान्य)05:05 (26 मार्च) – 06:33 (26 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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