पंचांग 20 अप्रैल 2024

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

20 अप्रैल 2024 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:14
सूर्यास्त18:52
चंद्रोदय16:05
चंद्रास्त04:34 (21 अप्रैल)
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
संवत्सर:
क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
सिंह 20:50 तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 22:42 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 01:11 (22 अप्रैल) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 14:04 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 17:08 (21 अप्रैल) तक
योग
ध्रुव 02:47 (21 अप्रैल) तक, फिर व्याघात 03:43 (22 अप्रैल) तक
करण
बव 09:24 तक, फिर बालव 22:42 तक, फिर कौलव 11:58 (21 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:58
  • राहु काल09:23 – 10:58
  • यमगंड14:08 – 15:43
  • गुलिक काल06:14 – 07:48

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:14 – 07:48
  • शुभ(शुभ)07:48 – 09:23
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:23 – 10:58
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:33
  • चर(सामान्य)12:33 – 14:08
  • लाभ(शुभ)14:08 – 15:43
  • अमृत(शुभ)15:43 – 17:18
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:18 – 18:52

रात

  • लाभ(शुभ)18:52 – 20:18
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:18 – 21:43
  • शुभ(शुभ)21:43 – 23:08
  • अमृत(शुभ)23:08 – 00:33 (21 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)00:33 (21 अप्रैल) – 01:58 (21 अप्रैल)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:58 (21 अप्रैल) – 03:23 (21 अप्रैल)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:23 (21 अप्रैल) – 04:48 (21 अप्रैल)
  • लाभ(शुभ)04:48 (21 अप्रैल) – 06:13 (21 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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