पंचांग 1 जून 2024
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
1 जून 2024 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:07
चंद्रोदय02:25 (2 जून)
चंद्रास्त14:05
- मास:
- वैशाख (अमांत) · ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी 07:24 तक, फिर कृष्ण दशमी 05:05 (2 जून) तक, फिर कृष्ण एकादशी 02:41 (3 जून) तक
- नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपदा 03:16 (2 जून) तक, फिर रेवती 01:40 (3 जून) तक
- योग
- प्रीति 15:09 तक, फिर आयुष्मान 12:11 (2 जून) तक
- करण
- गर 07:24 तक, फिर वणिज 18:15 तक, फिर विष्टि 05:05 (2 जून) तक, फिर बव 15:53 (2 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:58
- राहु काल09:14 – 10:53
- यमगंड14:11 – 15:50
- गुलिक काल05:57 – 07:36
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
- शुभ(शुभ)07:36 – 09:14
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:14 – 10:53
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:53 – 12:32
- चर(सामान्य)12:32 – 14:11
- लाभ(शुभ)14:11 – 15:50
- अमृत(शुभ)15:50 – 17:28
- काल(वर्जित (परंपरा))17:28 – 19:07
रात
- लाभ(शुभ)19:07 – 20:28
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:28 – 21:50
- शुभ(शुभ)21:50 – 23:11
- अमृत(शुभ)23:11 – 00:32 (2 जून)
- चर(सामान्य)00:32 (2 जून) – 01:53 (2 जून)
- रोग(वर्जित (परंपरा))01:53 (2 जून) – 03:14 (2 जून)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:14 (2 जून) – 04:36 (2 जून)
- लाभ(शुभ)04:36 (2 जून) – 05:57 (2 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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