पंचांग 3 सितंबर 2024

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

3 सितंबर 2024 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय06:22
चंद्रास्त19:05
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
संवत्सर:
क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण अमावस्या 07:25 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 09:47 (4 सित॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 03:10 (4 सित॰) तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 06:14 (5 सित॰) तक
योग
सिद्ध 19:05 तक, फिर साध्य 20:02 (4 सित॰) तक
करण
नाग 07:25 तक, फिर किंस्तुघ्न 20:34 तक, फिर बव 09:47 (4 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:58
  • राहु काल15:40 – 17:13
  • यमगंड09:27 – 11:00
  • गुलिक काल12:33 – 14:07

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:20 – 07:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:27
  • चर(सामान्य)09:27 – 11:00
  • लाभ(शुभ)11:00 – 12:33
  • अमृत(शुभ)12:33 – 14:07
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:07 – 15:40
  • शुभ(शुभ)15:40 – 17:13
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:13 – 18:47

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:47 – 20:13
  • लाभ(शुभ)20:13 – 21:40
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:40 – 23:07
  • शुभ(शुभ)23:07 – 00:33 (4 सित॰)
  • अमृत(शुभ)00:33 (4 सित॰) – 02:00 (4 सित॰)
  • चर(सामान्य)02:00 (4 सित॰) – 03:27 (4 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:27 (4 सित॰) – 04:53 (4 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:53 (4 सित॰) – 06:20 (4 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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