पंचांग 22 सितंबर 2024
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
22 सितंबर 2024 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:30
चंद्रोदय21:53
चंद्रास्त10:35
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी 15:43 तक, फिर कृष्ण षष्ठी 13:50 (23 सित॰) तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका 23:02 तक, फिर रोहिणी 22:07 (23 सित॰) तक
- योग
- हर्षण 08:17 तक, फिर वज्र 05:27 (23 सित॰) तक, फिर सिद्धि 03:09 (24 सित॰) तक
- करण
- तैतिल 15:43 तक, फिर गर 02:42 (23 सित॰) तक, फिर वणिज 13:50 (23 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:51
- राहु काल16:59 – 18:30
- यमगंड12:27 – 13:57
- गुलिक काल15:28 – 16:59
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:23 – 07:54
- चर(सामान्य)07:54 – 09:25
- लाभ(शुभ)09:25 – 10:56
- अमृत(शुभ)10:56 – 12:27
- काल(वर्जित (परंपरा))12:27 – 13:57
- शुभ(शुभ)13:57 – 15:28
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:28 – 16:59
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:59 – 18:30
रात
- शुभ(शुभ)18:30 – 19:59
- अमृत(शुभ)19:59 – 21:28
- चर(सामान्य)21:28 – 22:57
- रोग(वर्जित (परंपरा))22:57 – 00:27 (23 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:27 (23 सित॰) – 01:56 (23 सित॰)
- लाभ(शुभ)01:56 (23 सित॰) – 03:25 (23 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:25 (23 सित॰) – 04:54 (23 सित॰)
- शुभ(शुभ)04:54 (23 सित॰) – 06:23 (23 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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