पंचांग 5 जनवरी 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
5 जनवरी 2025 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:11
चंद्रोदय11:12
चंद्रास्त23:29
- मास:
- पौष (अमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- कुंभ 14:35 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी 20:15 तक, फिर शुक्ल सप्तमी 18:24 (6 जन॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 20:17 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 19:06 (6 जन॰) तक
- योग
- व्यतीपात 07:31 तक, फिर वरीयान 04:50 (6 जन॰) तक, फिर परिघ 02:05 (7 जन॰) तक
- करण
- कौलव 09:09 तक, फिर तैतिल 20:15 तक, फिर गर 07:20 (6 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:17 – 13:02
- राहु काल16:48 – 18:11
- यमगंड12:40 – 14:03
- गुलिक काल15:25 – 16:48
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:31
- चर(सामान्य)08:31 – 09:54
- लाभ(शुभ)09:54 – 11:17
- अमृत(शुभ)11:17 – 12:40
- काल(वर्जित (परंपरा))12:40 – 14:03
- शुभ(शुभ)14:03 – 15:25
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:25 – 16:48
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:48 – 18:11
रात
- शुभ(शुभ)18:11 – 19:49
- अमृत(शुभ)19:49 – 21:26
- चर(सामान्य)21:26 – 23:03
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:03 – 00:40 (6 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:40 (6 जन॰) – 02:17 (6 जन॰)
- लाभ(शुभ)02:17 (6 जन॰) – 03:54 (6 जन॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:54 (6 जन॰) – 05:31 (6 जन॰)
- शुभ(शुभ)05:31 (6 जन॰) – 07:08 (6 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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