पंचांग 27 मई 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
27 मई 2025 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:05
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त19:35
- मास:
- वैशाख (अमांत) · ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
- संवत्सर:
- विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 08:32 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 05:03 (28 मई) तक, फिर शुक्ल द्वितीया 01:55 (29 मई) तक
- नक्षत्र
- रोहिणी 02:50 (28 मई) तक, फिर मृगशीर्ष 00:29 (29 मई) तक
- योग
- सुकर्मा 22:54 तक, फिर धृति 19:08 (28 मई) तक
- करण
- नाग 08:32 तक, फिर किंस्तुघ्न 18:45 तक, फिर बव 05:03 (28 मई) तक, फिर बालव 15:25 (28 मई) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:58
- राहु काल15:48 – 17:27
- यमगंड09:14 – 10:53
- गुलिक काल12:31 – 14:10
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:36 – 09:14
- चर(सामान्य)09:14 – 10:53
- लाभ(शुभ)10:53 – 12:31
- अमृत(शुभ)12:31 – 14:10
- काल(वर्जित (परंपरा))14:10 – 15:48
- शुभ(शुभ)15:48 – 17:27
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:27 – 19:05
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))19:05 – 20:27
- लाभ(शुभ)20:27 – 21:48
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:48 – 23:10
- शुभ(शुभ)23:10 – 00:31 (28 मई)
- अमृत(शुभ)00:31 (28 मई) – 01:53 (28 मई)
- चर(सामान्य)01:53 (28 मई) – 03:14 (28 मई)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:14 (28 मई) – 04:36 (28 मई)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:36 (28 मई) – 05:57 (28 मई)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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