पंचांग 19 नवंबर 2025

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

19 नवंबर 2025 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:43
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय06:38 (20 नव॰)
चंद्रास्त17:08
मास:
कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
संवत्सर:
विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
तुला 04:14 (20 नव॰) तक, फिर वृश्चिक

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 09:44 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 12:17 (20 नव॰) तक
नक्षत्र
स्वाती 07:59 तक, फिर विशाखा 10:59 (20 नव॰) तक
योग
सौभाग्य 09:00 तक, फिर शोभन 09:52 (20 नव॰) तक
करण
शकुनि 09:44 तक, फिर चतुष्पद 23:00 तक, फिर नाग 12:17 (20 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:57 – 12:42परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:19 – 13:43
  • यमगंड08:07 – 09:31
  • गुलिक काल10:55 – 12:19

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:43 – 08:07
  • अमृत(शुभ)08:07 – 09:31
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:31 – 10:55
  • शुभ(शुभ)10:55 – 12:19
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:19 – 13:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:43 – 15:08
  • चर(सामान्य)15:08 – 16:32
  • लाभ(शुभ)16:32 – 17:56

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:32
  • शुभ(शुभ)19:32 – 21:08
  • अमृत(शुभ)21:08 – 22:44
  • चर(सामान्य)22:44 – 00:20 (20 नव॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:20 (20 नव॰) – 01:56 (20 नव॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:56 (20 नव॰) – 03:32 (20 नव॰)
  • लाभ(शुभ)03:32 (20 नव॰) – 05:07 (20 नव॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:07 (20 नव॰) – 06:43 (20 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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