पंचांग 9 जून 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

9 जून 2026 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:10
चंद्रोदय01:34 (10 जून)
चंद्रास्त13:20
मास:
अधिक ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
मीन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण नवमी 02:35 (10 जून) तक, फिर कृष्ण दशमी 00:58 (11 जून) तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपदा 09:39 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 09:21 (10 जून) तक
योग
प्रीति 08:18 तक, फिर आयुष्मान 06:30 (10 जून) तक
करण
तैतिल 15:05 तक, फिर गर 02:35 (10 जून) तक, फिर वणिज 13:52 (10 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 13:00
  • राहु काल15:52 – 17:31
  • यमगंड09:15 – 10:54
  • गुलिक काल12:33 – 14:12

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:36 – 09:15
  • चर(सामान्य)09:15 – 10:54
  • लाभ(शुभ)10:54 – 12:33
  • अमृत(शुभ)12:33 – 14:12
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:12 – 15:52
  • शुभ(शुभ)15:52 – 17:31
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:31 – 19:10

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))19:10 – 20:31
  • लाभ(शुभ)20:31 – 21:52
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:52 – 23:12
  • शुभ(शुभ)23:12 – 00:33 (10 जून)
  • अमृत(शुभ)00:33 (10 जून) – 01:54 (10 जून)
  • चर(सामान्य)01:54 (10 जून) – 03:15 (10 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:15 (10 जून) – 04:36 (10 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:36 (10 जून) – 05:57 (10 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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