पंचांग 23 सितंबर 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

23 सितंबर 2026 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:30
चंद्रोदय16:22
चंद्रास्त04:04 (24 सित॰)
मास:
भाद्रपद (अमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कन्या
चंद्र राशि:
मकर 21:57 तक, फिर कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 22:51 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 23:18 (24 सित॰) तक
नक्षत्र
श्रवण 09:09 तक, फिर धनिष्ठा 10:35 (24 सित॰) तक
योग
सुकर्मा 16:27 तक, फिर धृति 15:54 (24 सित॰) तक
करण
बव 10:22 तक, फिर बालव 22:51 तक, फिर कौलव 11:10 (24 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:51परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:26 – 13:57
  • यमगंड07:54 – 09:25
  • गुलिक काल10:56 – 12:26

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:23 – 07:54
  • अमृत(शुभ)07:54 – 09:25
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:25 – 10:56
  • शुभ(शुभ)10:56 – 12:26
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:26 – 13:57
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:57 – 15:28
  • चर(सामान्य)15:28 – 16:59
  • लाभ(शुभ)16:59 – 18:30

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:30 – 19:59
  • शुभ(शुभ)19:59 – 21:28
  • अमृत(शुभ)21:28 – 22:57
  • चर(सामान्य)22:57 – 00:26 (24 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:26 (24 सित॰) – 01:56 (24 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:56 (24 सित॰) – 03:25 (24 सित॰)
  • लाभ(शुभ)03:25 (24 सित॰) – 04:54 (24 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:54 (24 सित॰) – 06:23 (24 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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