पंचांग 27 नवंबर 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

27 नवंबर 2026 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:47
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय20:51
चंद्रास्त09:35
मास:
कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 09:49 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 06:40 (28 नव॰) तक, फिर कृष्ण पंचमी 03:57 (29 नव॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 15:08 तक, फिर पुनर्वसु 12:50 (28 नव॰) तक
योग
शुभ 23:51 तक, फिर शुक्ल 20:18 (28 नव॰) तक
करण
विष्टि 09:49 तक, फिर बव 20:11 तक, फिर बालव 06:40 (28 नव॰) तक, फिर कौलव 17:15 (28 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:59 – 12:44
  • राहु काल10:58 – 12:22
  • यमगंड15:09 – 16:32
  • गुलिक काल08:11 – 09:34

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:47 – 08:11
  • लाभ(शुभ)08:11 – 09:34
  • अमृत(शुभ)09:34 – 10:58
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:22
  • शुभ(शुभ)12:22 – 13:45
  • रोग(वर्जित (परंपरा))13:45 – 15:09
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:09 – 16:32
  • चर(सामान्य)16:32 – 17:56

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:32
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:32 – 21:09
  • लाभ(शुभ)21:09 – 22:45
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:45 – 00:22 (28 नव॰)
  • शुभ(शुभ)00:22 (28 नव॰) – 01:58 (28 नव॰)
  • अमृत(शुभ)01:58 (28 नव॰) – 03:35 (28 नव॰)
  • चर(सामान्य)03:35 (28 नव॰) – 05:11 (28 नव॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:11 (28 नव॰) – 06:48 (28 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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