पंचांग 2 दिसंबर 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

2 दिसंबर 2026 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:50
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय01:47 (3 दिस॰)
चंद्रास्त13:21
मास:
कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
सिंह 14:59 तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण नवमी 22:52 तक, फिर कृष्ण दशमी 23:04 (3 दिस॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 08:55 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 09:23 (3 दिस॰) तक
योग
विष्कम्भ 10:31 तक, फिर प्रीति 09:15 (3 दिस॰) तक
करण
तैतिल 10:59 तक, फिर गर 22:52 तक, फिर वणिज 10:54 (3 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:01 – 12:46परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:23 – 13:47
  • यमगंड08:14 – 09:37
  • गुलिक काल11:00 – 12:23

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:50 – 08:14
  • अमृत(शुभ)08:14 – 09:37
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:37 – 11:00
  • शुभ(शुभ)11:00 – 12:23
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:23 – 13:47
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:47 – 15:10
  • चर(सामान्य)15:10 – 16:33
  • लाभ(शुभ)16:33 – 17:56

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:33
  • शुभ(शुभ)19:33 – 21:10
  • अमृत(शुभ)21:10 – 22:47
  • चर(सामान्य)22:47 – 00:24 (3 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:24 (3 दिस॰) – 02:00 (3 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))02:00 (3 दिस॰) – 03:37 (3 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)03:37 (3 दिस॰) – 05:14 (3 दिस॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:14 (3 दिस॰) – 06:51 (3 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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